कक्षा 11 भारत का संविधान (सिद्धांत और व्यवहार): अध्याय 5 विधायिका NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 के लिए 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार' पुस्तक के अध्याय 5 'विधायिका' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें विधायिका की भूमिका, संसदीय कार्यपालिका की प्रकृति और सरकार के विभिन्न अंगों के बीच संबंधों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों में स्पष्टीकरण और विस्तृत उत्तर शामिल हैं जो छात्रों को विधायी प्रक्रिया, शक्तियों और जिम्मेदारियों को समझने में मदद करते हैं। यह संसाधन छात्रों को परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से अध्ययन करने और विधायिका से संबंधित अवधारणाओं की अपनी समझ को मजबूत करने में सहायता करता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भारत का संविधान सिद्धांत और व्यवहार |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 5. विधायिका |
Chapter summary
अध्याय 5 'विधायिका' के ये NCERT समाधान छात्रों को भारत की विधायी प्रणाली की गहन समझ प्रदान करते हैं। इसमें विधायिका के कार्यों, शक्तियों और विभिन्न प्रकार की कार्यपालिका प्रणालियों के बीच अंतर पर प्रकाश डाला गया है। समाधानों में अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत उत्तर शामिल हैं, जो विधायी निकायों के कामकाज और सरकार में उनकी भूमिका को स्पष्ट करते हैं। यह छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए एक मूल्यवान संसाधन है।
Learning outcomes
- संसदीय कार्यपालिका की अवधारणा को समझना।
- विधायिका की भूमिका और महत्व का विश्लेषण करना।
- विभिन्न देशों में कार्यपालिका की प्रणालियों की तुलना करना।
- विधायिका और कार्यपालिका के बीच संबंधों को स्पष्ट करना।
Topics covered
Paper topics
- विधायिका की भूमिका
- संसदीय कार्यपालिका
- अध्यक्षात्मक कार्यपालिका
- अर्द्ध-अध्यक्षात्मक कार्यपालिका
- प्रधानमंत्री का पद
- मंत्रिपरिषद्
- राष्ट्रपति का निर्वाचन
- विधायिका और कार्यपालिका का संबंध
- संसदीय व्यवस्था
- सरकार के प्रमुख
Important topics
- संसदीय कार्यपालिका की प्रकृति
- विधायिका की शक्तियाँ और कार्य
- प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद् की भूमिका
- राष्ट्रपति का निर्वाचन और शक्तियाँ
- विभिन्न कार्यपालिका प्रणालियों की तुलना
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- (क) जहाँ संसद हो वहाँ कार्यपालिका का होना
- (ख) संसद द्वारा निर्वाचित कार्यपालिका
- (ग) जहाँ संसद कार्यपालिका के रूप में काम करती है
- (घ) ऐसी कार्यपालिका जो संसद के बहुमत वेफ समर्थन पर निर्भर हो
(घ) ऐसी कार्यपालिका जो संसद के बहुमत के समर्थन पर निर्भर हो।
स्पष्टीकरण: संसदीय कार्यपालिका की मुख्य विशेषता यह है कि यह विधायिका, यानी संसद के प्रति उत्तरदायी होती है। कार्यपालिका (सरकार) तभी तक सत्ता में बनी रह सकती है जब तक उसे संसद के बहुमत का विश्वास प्राप्त हो। यदि संसद में बहुमत का समर्थन समाप्त हो जाता है, तो सरकार को इस्तीफा देना पड़ सकता है। यह व्यवस्था शक्तियों के पृथक्करण के बजाय शक्तियों के समन्वय पर जोर देती है।
Common mistakes
- संसदीय कार्यपालिका और अध्यक्षीय कार्यपालिका के बीच अंतर को समझने में भ्रमित होना।
- विधायिका के कार्यों और शक्तियों को ठीक से न समझना।
- कार्यपालिका के विभिन्न रूपों के बीच तुलना करते समय गलतियाँ करना।
Revision tips
- विधायिका और कार्यपालिका से संबंधित प्रमुख परिभाषाओं को याद करें।
- विभिन्न देशों की कार्यपालिका प्रणालियों के बीच तुलनात्मक तालिका बनाएं।
- अभ्यास प्रश्नों के उत्तरों को समझने पर ध्यान केंद्रित करें, न कि केवल रटने पर।
Practice MCQs
Q1. संसदीय कार्यपालिका का क्या अर्थ है?
Explanation: संसदीय कार्यपालिका वह होती है जो संसद के बहुमत के समर्थन पर निर्भर करती है और उसके प्रति उत्तरदायी होती है। यदि संसद का बहुमत समर्थन वापस ले लेता है, तो कार्यपालिका को इस्तीफा देना पड़ सकता है।
Q2. अध्यक्षात्मक व्यवस्था में कौन राज्य और सरकार दोनों का प्रधान होता है?
Explanation: अध्यक्षात्मक व्यवस्था में, राष्ट्रपति राज्य का प्रमुख और सरकार का प्रमुख दोनों होता है, जो उसे महत्वपूर्ण शक्तियाँ प्रदान करता है।
Q3. जापान में सरकार का प्रधान कौन होता है?
Explanation: जापान में संसदीय व्यवस्था है, जहाँ राजा देश का प्रधान होता है और प्रधानमंत्री सरकार का प्रधान होता है।
Q4. भारत में मंत्रिपरिषद् का प्रधान कौन होता है?
Explanation: अनुच्छेद 74(1) के अनुसार, राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद् होती है जिसका प्रधान प्रधानमंत्री होता है।
Q5. राष्ट्रपति का निर्वाचन किस प्रकार होता है?
Explanation: राष्ट्रपति का निर्वाचन सीधे जनता द्वारा नहीं होता, बल्कि यह एक अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया है जिसमें निर्वाचित विधायक और सांसद भाग लेते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 11 के लिए 'विधायिका' अध्याय के NCERT समाधान क्या कवर करते हैं?
ये समाधान विधायिका की भूमिका, संसदीय कार्यपालिका की प्रकृति, विभिन्न देशों में कार्यपालिका की प्रणालियों और भारत में प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद् के महत्व जैसे विषयों को कवर करते हैं।
संसदीय कार्यपालिका का क्या अर्थ है?
संसदीय कार्यपालिका वह होती है जो विधायिका (संसद) के बहुमत के समर्थन पर निर्भर करती है और उसके प्रति उत्तरदायी होती है। यदि संसद का विश्वास खो देती है तो उसे इस्तीफा देना पड़ सकता है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान विस्तृत स्पष्टीकरण और अभ्यास प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं, जो छात्रों को विधायिका से संबंधित अवधारणाओं को समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे।
अध्यक्षात्मक और संसदीय कार्यपालिका में मुख्य अंतर क्या है?
अध्यक्षात्मक व्यवस्था में, राष्ट्रपति राज्य और सरकार दोनों का प्रमुख होता है और विधायिका से स्वतंत्र होता है। संसदीय व्यवस्था में, प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख होता है और विधायिका (संसद) के प्रति उत्तरदायी होता है।
भारत में राष्ट्रपति का निर्वाचन कैसे होता है?
भारत में राष्ट्रपति का निर्वाचन सीधे जनता द्वारा नहीं होता, बल्कि यह एक अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया है जिसमें संसद के निर्वाचित सदस्य (सांसद) और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (विधायक) भाग लेते हैं।
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