कक्षा 11 भौतिकी: द्रव्य के तापीय गुण - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 'द्रव्य के तापीय गुण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें तापमान को विभिन्न पैमानों (सेल्सियस, फारेनहाइट, केल्विन) में बदलने, परम तापमापों के बीच संबंध स्थापित करने और प्रतिरोध तापमापी के उपयोग से तापमान ज्ञात करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न का हल चरण-दर-चरण समझाया गया है, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायता मिलती है। ये समाधान छात्रों को तापीय गुणों से संबंधित समस्याओं को हल करने के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भौतिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 11. द्रव्य के तापीय गुण |
Chapter summary
यह अध्याय 'द्रव्य के तापीय गुण' के NCERT समाधान छात्रों को तापमान के विभिन्न पैमानों के बीच रूपांतरण, परम तापमापों के बीच संबंध स्थापित करने और प्रतिरोध तापमापी के सिद्धांत को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में जल के त्रिक बिंदु और सामान्य संगलन बिंदु जैसी महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदुओं का उपयोग करके तापमान की गणना की जाती है। यह खंड छात्रों को तापीय मापन की व्यावहारिक समझ विकसित करने और संबंधित गणनाओं में निपुणता हासिल करने में सहायता करता है।
Learning outcomes
- विभिन्न तापमान पैमानों (सेल्सियस, फारेनहाइट, केल्विन) के बीच रूपांतरण करना सीखें।
- परम तापमापों (Absolute Temperature Scales) के बीच संबंध स्थापित करने की विधि समझें।
- प्रतिरोध तापमापी के सिद्धांत का उपयोग करके अज्ञात तापमान की गणना करें।
- त्रिक बिंदु (Triple Point) और सामान्य संगलन बिंदु (Normal Freezing Point) जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझें।
Topics covered
Paper topics
- तापमान के पैमाने
- केल्विन पैमाना
- सेल्सियस पैमाना
- फारेनहाइट पैमाना
- त्रिक बिंदु (Triple Point)
- परम तापमाप (Absolute Temperature Scales)
- तापमापी का सिद्धांत
- प्रतिरोध तापमापी (Resistance Thermometry)
- तापमान रूपांतरण
- संगलन बिंदु (Freezing Point)
Important topics
- तापमान पैमानों के बीच रूपांतरण
- परम तापमापों के बीच संबंध
- प्रतिरोध तापमापी द्वारा तापमान मापन
- त्रिक बिंदु की अवधारणा
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
हमें निऑन (Ne) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के त्रिक बिंदुओं को केल्विन (K) से सेल्सियस (°C) और फारेनहाइट (°F) में बदलना है।
दिए गए तापमान हैं:
- Ne का त्रिक बिंदु () = 24.57 K
- CO₂ का त्रिक बिंदु () = 216.55 K
तापमान रूपांतरण के सूत्र हैं:
- सेल्सियस में:
- फारेनहाइट में:
1. निऑन (Ne) के त्रिक बिंदु का रूपांतरण:
सेल्सियस में:
फारेनहाइट में:
2. कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के त्रिक बिंदु का रूपांतरण:
सेल्सियस में:
फारेनहाइट में:
अतः, निऑन का त्रिक बिंदु -248.58 °C या -415.44 °F है, और CO₂ का त्रिक बिंदु -56.60 °C या -69.88 °F है।
प्रश्न 2
हमें दो परम तापमाप (Absolute Temperature Scales), A और B के बीच संबंध ज्ञात करना है। जल का त्रिक बिंदु एक सार्वभौमिक संदर्भ बिंदु है।
दिया गया है:
- पैमाना A पर जल का त्रिक बिंदु = 200 A
- पैमाना B पर जल का त्रिक बिंदु = 350 B
हम जानते हैं कि केल्विन पैमाने पर जल का त्रिक बिंदु 273.16 K होता है। चूँकि ये परम तापमाप हैं, इसलिए जल के त्रिक बिंदु पर दोनों पैमानों का मान केल्विन पैमाने के बराबर होगा।
अतः, हम लिख सकते हैं:
200 \,A = 273.16 \,K और 350 \,B = 273.16 \,K
इन समीकरणों से, हम प्रत्येक पैमाने की एक इकाई (1 A और 1 B) को केल्विन में व्यक्त कर सकते हैं:
1 \,A = \frac{273.16}{200} \,K
1 \,B = \frac{273.16}{350} \,K
अब, यदि T_A पैमाने A पर कोई तापमान है और T_B पैमाने B पर वही तापमान है, तो केल्विन में उनका मान समान होना चाहिए:
T_A \times (1 \,A \text{ in K}) = T_B \times (1 \,B \text{ in K})
\frac{273.16}{200} T_A = \frac{273.16}{350} T_B
स्थिरांक 273.16 को दोनों पक्षों से रद्द करने पर:
\frac{T_A}{200} = \frac{T_B}{350}
अब हम T_A और T_B के बीच संबंध ज्ञात कर सकते हैं:
\frac{T_A}{T_B} = \frac{200}{350}
इस भिन्न को सरल करने पर:
\frac{T_A}{T_B} = \frac{20}{35} = \frac{4}{7}
अतः, T_A और T_B के बीच संबंध है:
T_A = \frac{4}{7} T_B
इसका अर्थ है कि पैमाने A पर मापा गया तापमान, पैमाने B पर मापे गए समान तापमान का 4/7 गुना होता है।
प्रश्न 3
यह प्रश्न एक प्रतिरोध तापमापी (Resistance Thermometer) के सिद्धांत पर आधारित है, जहाँ प्रतिरोध (R) तापमान (T) के साथ एक रैखिक संबंध का अनुसरण करता है। सूत्र दिया गया है:
यहाँ:
- R ताप T पर प्रतिरोध है।
- संदर्भ तापमान पर प्रतिरोध है।
- प्रतिरोधकता का ताप गुणांक (temperature coefficient of resistance) है।
हमें दो ज्ञात बिंदु दिए गए हैं:
- जल का त्रिक बिंदु: , इस पर प्रतिरोध ।
- लैंड का सामान्य संगलन बिंदु: , इस पर प्रतिरोध ।
हमें वह तापमान (T) ज्ञात करना है जिस पर प्रतिरोध R = 123.4 \,\Omega है।
सबसे पहले, हम दिए गए दो बिंदुओं का उपयोग करके \alpha का मान ज्ञात करेंगे। हम सूत्र को इस प्रकार लिख सकते हैं:
R = R_0 + R_0 \alpha (T - T_0) या \frac{R - R_0}{R_0 (T - T_0)} = \alpha
बिंदु 1 (त्रिक बिंदु) को संदर्भ बिंदु (T_0, R_0) मानते हुए, हम बिंदु 2 (T_1, R_1) के लिए \alpha की गणना कर सकते हैं:
\alpha = \frac{R_1 - R_0}{R_0 (T_1 - T_0)}
\alpha = \frac{165.5 - 101.6}{101.6 (600.5 - 273.16)}
\alpha = \frac{63.9}{101.6 \times 327.34}
\alpha = \frac{63.9}{33250.944}
\alpha \approx 0.0019217 \,K^{-1}
अब, हम इस \alpha मान और दिए गए प्रतिरोध R = 123.4 \,\Omega का उपयोग करके अज्ञात तापमान T ज्ञात करेंगे। हम सूत्र का उपयोग करेंगे:
R = R_0[1 + \alpha(T - T_0)]
मान रखने पर:
123.4 = 101.6 [1 + 0.0019217 (T - 273.16)]
पहले 101.6 से भाग दें:
\frac{123.4}{101.6} = 1 + 0.0019217 (T - 273.16)
1.214567 = 1 + 0.0019217 (T - 273.16)
1 को बाईं ओर ले जाएँ:
1.214567 - 1 = 0.0019217 (T - 273.16)
0.214567 = 0.0019217 (T - 273.16)
अब 0.0019217 से भाग दें:
\frac{0.214567}{0.0019217} = T - 273.16
111.656 \approx T - 273.16
T ज्ञात करने के लिए 273.16 को दाईं ओर ले जाएँ:
T = 111.656 + 273.16
T \approx 384.816 \,K
अतः, वह ताप जिस पर तापमापी का प्रतिरोध 123.4 Ω है, लगभग 384.82 K है।
Common mistakes
- तापमान रूपांतरण सूत्रों में इकाइयों या स्थिरांकों (जैसे 273.15) का गलत उपयोग करना।
- परम तापमापों के बीच संबंध स्थापित करते समय संदर्भ बिंदुओं (जैसे त्रिक बिंदु) को सही ढंग से लागू न करना।
- प्रतिरोध तापमापी के सूत्र में दिए गए मानों को गलत तरीके से प्रतिस्थापित करना या गणना में त्रुटि करना।
Revision tips
- तापमान रूपांतरण के लिए दिए गए सभी सूत्रों को एक साथ लिखें और नियमित रूप से दोहराएं।
- त्रिक बिंदु और सामान्य संगलन बिंदु जैसे संदर्भ बिंदुओं के महत्व को समझें।
- प्रतिरोध तापमापी से संबंधित प्रश्नों को हल करने के लिए सूत्र को याद करें और विभिन्न मानों के साथ अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. सेल्सियस पैमाने पर जल का त्रिक बिंदु (273.16 K) क्या होता है?
Explanation: जल का त्रिक बिंदु केल्विन पैमाने पर 273.16 K होता है, जिसे सेल्सियस पैमाने पर 0.01 °C के रूप में व्यक्त किया जाता है (K = °C + 273.15)।
Q2. यदि किसी तापमापी का प्रतिरोध ताप के साथ रैखिक रूप से बढ़ता है, तो वह किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
Explanation: तापमापी का प्रतिरोध ताप के साथ एक निश्चित नियम के अनुसार बदलता है, जैसा कि प्रश्न 3 में R = R₀[1 + α(T - T₀)] सूत्र से दर्शाया गया है। यह प्रतिरोध तापमापी का सिद्धांत है।
Q3. तापमान रूपांतरण सूत्र °C = K - 273.15 किस पैमाने के लिए सत्य है?
Explanation: यह सूत्र केल्विन (K) और सेल्सियस (°C) के बीच संबंध को दर्शाता है, जहाँ सेल्सियस तापमान केल्विन तापमान से 273.15 कम होता है।
Q4. दो परम तापमापों T_A और T_B के बीच संबंध T_(4/7) T_B का क्या अर्थ है?
Explanation: यह संबंध दर्शाता है कि पैमाने A पर किसी भी तापमान का मान, पैमाने B पर उसी तापमान के मान का 4/7 गुना होगा, जैसा कि प्रश्न 2 में जल के त्रिक बिंदु के लिए स्थापित किया गया है।
Frequently asked questions
द्रव्य के तापीय गुण अध्याय में कौन से मुख्य तापमान पैमाने शामिल हैं?
इस अध्याय में मुख्य रूप से केल्विन (K), सेल्सियस (°C), और फारेनहाइट (°F) तापमान पैमानों पर चर्चा की गई है, और उनके बीच रूपांतरण के तरीके बताए गए हैं।
जल का त्रिक बिंदु क्या होता है और इसका क्या महत्व है?
जल का त्रिक बिंदु वह विशिष्ट तापमान और दाब होता है जिस पर जल ठोस (बर्फ), द्रव (जल) और गैस (भाप) अवस्थाओं में एक साथ साम्यावस्था में रह सकता है। केल्विन पैमाने पर इसका मान 273.16 K होता है और यह तापमान मापन के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु है।
प्रतिरोध तापमापी कैसे काम करता है?
प्रतिरोध तापमापी एक ऐसे उपकरण का उपयोग करता है जिसका विद्युत प्रतिरोध तापमान के साथ बदलता है। इस संबंध का उपयोग करके, अज्ञात तापमान पर प्रतिरोध को मापकर तापमान ज्ञात किया जाता है।
क्या फारेनहाइट और सेल्सियस पैमाने के बीच कोई सीधा संबंध है?
हाँ, फारेनहाइट (°F) और सेल्सियस (°C) पैमाने के बीच एक रैखिक संबंध है, जिसे सूत्र \(\frac{C}{5} = \frac{F - 32}{9}\) द्वारा व्यक्त किया जाता है।
इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के हल को चरण-दर-चरण समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और संबंधित समस्याओं को हल करने की विधि सीखने में मदद मिलती है। यह परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों से परिचित होने का एक प्रभावी तरीका है।
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