कक्षा 11 भूगोल अध्याय 6: मृदा NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 11 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 11 के भूगोल के लिए एनसीईआरटी समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 6 'मृदा' पर केंद्रित है। इसमें मृदा की परिभाषा, इसके निर्माण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक, मृदा परिच्छेदिका की विभिन्न परतें और मृदा अवकर्षण जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को शामिल किया गया है। समाधानों में खादर और बांगर जैसी विभिन्न प्रकार की मृदाओं के बीच अंतर भी स्पष्ट किया गया है। यह विस्तृत सामग्री छात्रों को मृदा विज्ञान की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में सहायता करती है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectभूगोल
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. मृदा

Chapter summary

कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 6 के लिए ये एनसीईआरटी समाधान मृदा की प्रकृति और उसके निर्माण की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हैं। इसमें मृदा निर्माण के कारकों, मृदा परिच्छेदिका की परतों ('क', 'ख', 'ग' संस्तर) और मृदा अवकर्षण की अवधारणा को समझाया गया है। साथ ही, जलोढ़, काली, लैटेराइट और वन मृदा जैसे विभिन्न प्रकार की मृदाओं का परिचय दिया गया है और खादर व बांगर के बीच अंतर स्पष्ट किया गया है। ये समाधान छात्रों को मृदा से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर देने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • मृदा की परिभाषा और उसके महत्व को समझना।
  • मृदा निर्माण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों की पहचान करना।
  • मृदा परिच्छेदिका की विभिन्न परतों का वर्णन करना।
  • मृदा अवकर्षण के कारणों और प्रभावों को समझना।
  • विभिन्न प्रकार की मृदाओं, जैसे जलोढ़, काली, लैटेराइट, खादर और बांगर के बीच अंतर स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • मृदा की परिभाषा
  • मृदा निर्माण के कारक
  • मृदा परिच्छेदिका
  • 'क' संस्तर
  • 'ख' संस्तर
  • 'ग' संस्तर
  • मृदा अवकर्षण
  • जलोढ़ मृदा
  • काली मृदा (रेगर मृदा)
  • लैटेराइट मृदा
  • वन मृदा
  • खादर और बांगर में अंतर

Important topics

  • मृदा निर्माण के प्रमुख उत्तरदायी कारक
  • मृदा परिच्छेदिका के संस्तर
  • मृदा अवकर्षण
  • खादर और बांगर में अंतर
  • विभिन्न प्रकार की मृदाओं की विशेषताएँ

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न

1. मृदा का सर्वाधिक व्यापक और सर्वाधिक उपजाऊ प्रकार कौन-सा है?
  • (क) जलोढ़ मृदा
  • (ख) काली मृदा
  • (ग) लैटेराइट मृदा
  • (घ) वन मृदा
Solution:

सर्वाधिक व्यापक और उपजाऊ मृदा प्रकार **जलोढ़ मृदा** है। यह मृदा नदियों द्वारा अपने किनारों पर लाई गई गाद से बनती है और भारत के विशाल मैदानी क्षेत्रों में पाई जाती है, जो इसे कृषि के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है।

2. रेगर मृदा का दूसरा नाम है-
  • (क) लवण मृदा
  • (ख) शुष्क मृदा
  • (ग) काली मृदा
  • (घ) लैटेराइट मृदा
Solution:

रेगर मृदा का दूसरा नाम **काली मृदा** है। यह मृदा ज्वालामुखी चट्टानों से बनती है और इसमें महीन कणों की अधिकता होती है, जिसके कारण यह जल को अधिक समय तक रोक पाती है। यह कपास की खेती के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है।

3. भारत में मृदा के ऊपरी पर्त के ह्रास का मुख्य कारण है-
  • (क) वायु अपरदन
  • (ख) अत्यधिक निक्षालन
  • (ग) जल अपरदन
  • (घ) इनमें से कोई नहीं
Solution:

भारत में मृदा की ऊपरी परत के ह्रास का मुख्य कारण **जल अपरदन** है। अत्यधिक वर्षा, तीव्र ढलान और वनों की कटाई के कारण जल अपने साथ उपजाऊ ऊपरी मिट्टी को बहा ले जाता है, जिससे मृदा की उर्वरता कम हो जाती है।

4. भारत के सिंचित क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि निम्नलिखित में से किस कारण लवणीय हो रही है?
  • (क) जिप्सम की बढ़ोतरी
  • (ख) अति सिंचाई
  • (ग) अति चारण
  • (घ) रासायनिक खादों का उपयोग
Solution:

भारत के सिंचित क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि के लवणीय होने का मुख्य कारण **अति सिंचाई** है। जब अत्यधिक सिंचाई की जाती है, तो पानी भूमि की सतह पर रिसता है और वाष्पित हो जाता है, जिससे घुले हुए लवण पीछे छूट जाते हैं और भूमि की सतह पर जमा हो जाते हैं।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:

(i) मृदा क्या है?
Solution:

मृदा भूतल पर पाया जाने वाला एक असंगठित पदार्थ है, जिसमें जीवन का पोषण करने की क्षमता होती है। यह शैल, मलवा और जैव सामग्री का मिश्रण होती है, जो पृथ्वी की सतह पर निर्मित होती है और पौधों के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है।

(ii) मृदा निर्माण के प्रमुख उत्तरदायी कारक कौन-से हैं?
Solution:

मृदा निर्माण के प्रमुख उत्तरदायी कारक हैं: जनक सामग्री (जिससे मृदा बनती है), जलवायु (तापमान और वर्षा), उच्चावच (भूमि की आकृति), वनस्पति और अन्य जीव (जो कार्बनिक पदार्थ जोड़ते हैं), और समय (जिस अवधि में मृदा विकसित होती है)। मानवीय क्रियाएँ भी इसे प्रभावित करती हैं।

(iii) मृदा परिच्छेदिका के तीन संस्तरों के नामों का उल्लेख कीजिए।
Solution:

मृदा परिच्छेदिका के तीन मुख्य संस्तर (परतें) निम्नलिखित हैं:

  1. 'क' संस्तर: यह सबसे ऊपरी परत है, जिसमें ह्यूमस, खनिज पदार्थ, पोषक तत्व और जल का मिश्रण होता है, जो पौधों की वृद्धि के लिए अनिवार्य है।
  2. 'ख' संस्तर: यह 'क' और 'ग' संस्तरों के बीच की संक्रमणकालीन परत है। इसमें कुछ जैव पदार्थ होते हैं और खनिजों का अपक्षय दिखाई देता है।
  3. 'ग' संस्तर: यह ढीली जनक सामग्री से बनी परत है, जो मृदा निर्माण की प्रारंभिक अवस्था का प्रतिनिधित्व करती है और ऊपरी परतों का आधार बनती है।

(iv) मृदा अवकर्षण क्या होता है?
Solution:

मृदा अवकर्षण का तात्पर्य मृदा की उर्वरता और गुणवत्ता में कमी आना है। यह मृदा के पोषण स्तर के गिरने, अपरदन के कारण गहराई कम होने और दुरूपयोग के कारण होता है। भारत में यह मृदा संसाधनों के क्षय का एक प्रमुख कारण है।

(v) खादर और बांगर में क्या अंतर है?
Solution:

खादर और बांगर दोनों जलोढ़ मृदा के प्रकार हैं, लेकिन उनमें मुख्य अंतर यह है कि:

  • खादर: यह नदी के बाढ़ वाले मैदानों में पाई जाने वाली नई जलोढ़ मृदा है। यह महीन कणों से बनी होती है और प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी से नई गाद जमा होने के कारण बहुत उपजाऊ होती है।
  • बांगर: यह नदी के बाढ़ वाले मैदानों से थोड़ी ऊँचाई पर पाई जाने वाली पुरानी जलोढ़ मृदा है। इसमें कंकड़-पत्थर अधिक होते हैं और यह खादर की तुलना में कम उपजाऊ होती है।

Common mistakes

  • मृदा निर्माण के कारकों को सूचीबद्ध करने में चूक।
  • मृदा परिच्छेदिका की परतों के बीच अंतर को समझने में कठिनाई।
  • खादर और बांगर के बीच के अंतर को गलत समझना।
  • मृदा अवकर्षण के कारणों को अतिरंजित या कम आंकना।

Revision tips

  • मृदा निर्माण के पाँच प्रमुख कारकों को याद करने के लिए एक निमोनिक बनाएं।
  • मृदा परिच्छेदिका की प्रत्येक परत की विशेषताओं को दर्शाने वाला एक चार्ट बनाएं।
  • खादर और बांगर के बीच मुख्य अंतरों को एक तालिका में सूचीबद्ध करें।
  • मृदा अवकर्षण के प्रभावों को रोकने के उपायों पर विचार करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सी मृदा भारत में सर्वाधिक व्यापक और उपजाऊ मानी जाती है?

Q2. रेगर मृदा का दूसरा नाम क्या है?

Q3. भारत में कृषि योग्य भूमि के लवणीय होने का मुख्य कारण क्या है?

Q4. मृदा निर्माण के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कारक उत्तरदायी नहीं है?

Q5. मृदा परिच्छेदिका का सबसे ऊपरी संस्तर कौन सा है?

Frequently asked questions

कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 6 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में मृदा की परिभाषा, मृदा निर्माण के प्रमुख कारक, मृदा परिच्छेदिका की विभिन्न परतें ('क', 'ख', 'ग' संस्तर), मृदा अवकर्षण, और विभिन्न प्रकार की मृदाओं जैसे जलोढ़, काली, लैटेराइट, खादर और बांगर का विस्तृत अध्ययन शामिल है।

मृदा निर्माण के लिए कौन से कारक सबसे महत्वपूर्ण हैं?

मृदा निर्माण के लिए जनक सामग्री, जलवायु, उच्चावच, वनस्पति और समय जैसे कारक प्रमुख रूप से उत्तरदायी हैं। मानवीय क्रियाएँ भी मृदा निर्माण को प्रभावित करती हैं।

मृदा अवकर्षण का क्या अर्थ है?

मृदा अवकर्षण का अर्थ है मृदा की उर्वरता में कमी आना, जिसमें मृदा की पोषण क्षमता घट जाती है और अपरदन व दुरूपयोग के कारण उसकी गहराई कम हो जाती है।

खादर और बांगर मृदा में क्या अंतर है?

खादर नई जलोढ़ मृदा होती है जो बाढ़ के मैदानों में पाई जाती है और अधिक उपजाऊ होती है, जबकि बांगर पुरानी जलोढ़ मृदा होती है जो बाढ़ के मैदानों से थोड़ी ऊँचाई पर पाई जाती है और इसमें कंकड़-पत्थर अधिक होते हैं।

ये एनसीईआरटी समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में आसानी होती है। यह उन्हें महत्वपूर्ण बिंदुओं को याद रखने में भी मदद करता है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.