CBSE Class 11 Hindi Aroh Bhag-I Chapter 14: वे आँखें NCERT Solutions
This chapter, 'वे आँखें', from CBSE Class 11 Hindi Aroh Bhag-I, delves into the profound suffering and exploitation of a farmer. The NCERT Solutions provided here offer a detailed analysis of the poem, exploring the farmer's despair, the reasons behind his pain, and the societal apathy that contributes to his plight. Through the powerful imagery of the farmer's eyes, the poem critiques the oppressive systems that have led to his ruin. These solutions break down the poem's verses, explaining the symbolism and the emotional depth, helping students grasp the socio-economic issues at its core. They are designed to aid students in understanding the nuances of the poem, preparing them effectively for their examinations by clarifying complex themes and literary devices.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Hindi Aroh Bhag-I |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 14 |
Chapter summary
Chapter 14, 'वे आँखें', of CBSE Class 11 Hindi Aroh Bhag-I, focuses on the deep-seated sorrow and exploitation faced by a farmer. The NCERT Solutions analyze the poem's depiction of the farmer's despair, the causes of his suffering, and the societal neglect that exacerbates his condition. The solutions help students understand the symbolic representation of the farmer's eyes and the poem's critique of oppressive socio-economic structures.
Learning outcomes
- Understand the plight and suffering of the farmer as depicted in the poem.
- Analyze the symbolic meaning of the farmer's eyes.
- Identify the societal factors contributing to the farmer's exploitation.
- Explain the poet's emotional response and motivation for writing the poem.
- Critically evaluate the poem's message about agrarian distress.
Topics covered
Paper topics
- Farmer's plight
- Exploitation
- Societal apathy
- Symbolism of eyes
- Agrarian distress
- Poetic analysis
- Social critique
Important topics
- Understanding the farmer's suffering
- Identifying the responsible parties
- Symbolic interpretation of the farmer's eyes
- The poem's social commentary
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
अंधकार की गुहा सरीखी उन आँखों से डरता है मन।
(क) आमतौर पर हमें किन बातों से डर लगता है?
(ख) उन आँखों से किसकी ओर संकेत किया गया है?
(ग) कवि को उन आँखों से डर क्यों लगता है?
(घ) डरते हुए भी कवि ने उस किसान की आँखों की पीड़ा का वर्णन क्यों किया है?
(ङ) यदि कवि इन आँखों से नहीं डरता, क्या तब भी वह कविता लिखता?
Solution:
(क) आमतौर पर हमें उन चीजों से डर लगता है जो हमारे नियंत्रण से बाहर होती हैं या जिनसे हमें हानि पहुँचने की आशंका होती है। इसमें अंधेरा, मृत्यु, वित्तीय नुकसान, शारीरिक चोट, अपमान, अज्ञात का भय, या किसी प्रियजन को खोने का डर शामिल हो सकता है। ये सभी स्थितियाँ असुरक्षा और लाचारी की भावना पैदा करती हैं।
(ख) "उन आँखों" से यहाँ एक ऐसे किसान की आँखों की ओर संकेत किया गया है जो अत्यधिक हताश, बर्बाद और शोषित है। उसकी आँखों में उदासी, निराशा और उदासीनता झलकती है, मानो उसने सब कुछ खो दिया हो और अब उसके जीवन में कोई उम्मीद या उत्साह बाकी न रहा हो।
(ग) कवि को किसान की आँखों में भरे असीम दर्द, करुणा, पीड़ा और विनम्रता से डर लगता है। ये आँखें इतनी गहरी शून्यता और भय को दर्शाती हैं कि कवि को लगता है कि वह उनका सामना करने में सक्षम नहीं है। यह डर उस लाचारी और बेबसी का है जो उन आँखों में दिखाई देती है।
(घ) कवि किसान की आँखों से डरता है, लेकिन फिर भी वह उसकी पीड़ा का वर्णन करता है क्योंकि वह समाज को किसान की दयनीय स्थिति और उसके प्रति समाज के उपेक्षापूर्ण रवैये के बारे में बताना चाहता है। कवि का उद्देश्य समाज को झकझोरना और किसान के दुखों के प्रति संवेदनशील बनाना है।
(ङ) यदि कवि इन आँखों से नहीं डरता, तो संभवतः वह यह कविता नहीं लिख पाता। कविता लिखने के लिए कवि को किसान के दर्द को गहराई से महसूस करना आवश्यक है। डर का अनुभव उस दर्द की तीव्रता को दर्शाता है। बिना उस एहसास के, कवि शायद किसान की पीड़ा को उतनी गहराई से व्यक्त नहीं कर पाता और कविता का मूल भाव ही खो जाता।
प्रश्न 2
कविता में किसान की पीड़ा के लिए किन्हें ज़िम्मेदार बताया गया है?
Solution:
कविता में किसान की पीड़ा के लिए मुख्य रूप से समाज के शोषक वर्ग और उस व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया गया है जिसने किसान को उसकी जमीन, संपत्ति और खुशहाली से वंचित कर दिया है। इसमें साहूकार, जमींदार और अन्य लोग शामिल हैं जिन्होंने किसान का शोषण किया और उसे कर्ज के जाल में फंसाकर उसकी बर्बादी का कारण बने। यह कविता उस अन्यायपूर्ण सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था पर भी प्रश्न उठाती है जो किसानों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार है।
Common mistakes
- Confusing the poet's fear with a lack of empathy.
- Underestimating the societal critique embedded in the poem.
- Failing to connect the 'darkness' of the eyes to the farmer's ruined life.
Revision tips
- Read the poem aloud to feel the rhythm and emotion.
- Focus on the imagery used to describe the farmer's eyes.
- Discuss with peers who is responsible for the farmer's suffering.
- Connect the poem's themes to broader issues of farmer distress in India.
Practice MCQs
Q1. कविता में किसान की आँखों को कैसा बताया गया है?
Explanation: कविता की पहली पंक्ति में ही आँखों को 'अंधकार की गुहा सरीखी' कहा गया है, जो किसान की गहरी निराशा और दुख को दर्शाती है।
Q2. कवि को किसान की आँखों से डर क्यों लगता है?
Explanation: कवि को किसान की आँखों में भरे असीम दर्द, करुणा, पीड़ा और शून्यता से डर लगता है, जिसका सामना करना उसके बस में नहीं है।
Q3. कवि किसान की पीड़ा का वर्णन क्यों करता है?
Explanation: कवि किसान की पीड़ा का वर्णन इसलिए करता है ताकि समाज को उनकी दुर्दशा और समाज के उपेक्षापूर्ण रवैये के बारे में पता चल सके।
Q4. कविता में किसान की पीड़ा के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया गया है?
Explanation: कविता में किसान की पीड़ा के लिए समाज के शोषक वर्ग, जैसे साहूकार, और उस व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया गया है जिसने किसान को बर्बाद कर दिया।
Q5. यदि कवि इन आँखों से नहीं डरता, तो क्या वह कविता लिख पाता?
Explanation: कवि के अनुसार, यदि वह किसान की आँखों से नहीं डरता, तो उसे किसान के दर्द का गहरा एहसास नहीं होता, जिसके बिना वह यह कविता नहीं लिख पाता।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 11 के हिंदी आरोह भाग-I के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 14 'वे आँखें' पर केंद्रित हैं।
अध्याय 14 'वे आँखें' में मुख्य रूप से क्या दर्शाया गया है?
यह अध्याय एक किसान की गहरी पीड़ा, उसके शोषण और समाज की उपेक्षापूर्ण रवैये को दर्शाता है, जिसे किसान की आँखों के माध्यम से व्यक्त किया गया है।
इन समाधानों से छात्रों को क्या लाभ होगा?
ये समाधान छात्रों को कविता की गहरी समझ, उसके प्रतीकों और सामाजिक संदेश को समझने में मदद करेंगे, जिससे वे परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
कवि को किसान की आँखों से डर क्यों लगता है?
कवि को किसान की आँखों में भरे असीम दर्द, करुणा, पीड़ा और शून्यता से डर लगता है, जो उसकी दयनीय स्थिति का प्रतीक हैं।
कविता में किसान की समस्याओं के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया गया है?
कविता में किसान की समस्याओं के लिए समाज के शोषक वर्ग और उस व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया गया है जिसने किसान को उसकी जमीन और खुशहाली से वंचित कर दिया है।
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