कक्षा 11 अर्थशास्त्र: आधारिक संरचना NCERT समाधान
यह खंड कक्षा 11 अर्थशास्त्र के अध्याय 9, 'आधारिक संरचना' पर केंद्रित है। इसमें आधारिक संरचना के अर्थ, ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों (परंपरागत और गैर-परंपरागत), व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक ऊर्जा स्रोतों के उदाहरण, और प्लांट लोड फैक्टर जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत उत्तर दिया गया है, जिससे छात्रों को इन विषयों की गहरी समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। यह सामग्री परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन है, जो प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट करती है और छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों से परिचित कराती है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Economics. |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 9. आधारिक संरचना |
Chapter summary
कक्षा 11 अर्थशास्त्र के अध्याय 9 'आधारिक संरचना' के ये NCERT समाधान आधारिक संरचना की मूलभूत अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। इसमें ऊर्जा के परंपरागत और गैर-परंपरागत स्रोतों, व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक ऊर्जा के बीच अंतर, और प्लांट लोड फैक्टर जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधान एक अंक वाले प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं, जो छात्रों को इन विषयों की बुनियादी समझ बनाने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- आधारिक संरचना का अर्थ और महत्व समझना।
- ऊर्जा के परंपरागत और गैर-परंपरागत स्रोतों की पहचान करना।
- ऊर्जा के व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक स्रोतों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- प्लांट लोड फैक्टर की परिभाषा और प्रासंगिकता को समझना।
- ऊर्जा उत्पादन में विभिन्न स्रोतों की भूमिका का विश्लेषण करना।
Topics covered
Paper topics
- आधारिक संरचना का अर्थ
- ऊर्जा के परंपरागत स्रोत
- ऊर्जा के गैर-परंपरागत स्रोत
- ऊर्जा के व्यावसायिक स्रोत
- ऊर्जा के गैर-व्यावसायिक स्रोत
- विद्युत सृजन के स्रोत
- तापीय विद्युत
- जल विद्युत
- परमाणु विद्युत
- बायो गैस
- सौर ऊर्जा
- प्लांट लोड फैक्टर
Important topics
- आधारिक संरचना का अर्थ और महत्व
- ऊर्जा के परंपरागत बनाम गैर-परंपरागत स्रोत
- व्यावसायिक बनाम गैर-व्यावसायिक ऊर्जा स्रोत
- तापीय विद्युत का महत्व
- प्लांट लोड फैक्टर की परिभाषा
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
i. तापीय विद्युत
ii. जल विद्युत
iii. परमाणु विद्युत
iv. सभी की समान हिस्सेदारी
प्रश्न 5
प्रश्न 6
प्रश्न 7
i. ईंधन लकड़ी
ii. कृषि अपशिष्ट उत्पाद
iii. कोयला
iv. गोबर
Common mistakes
- ऊर्जा के व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक स्रोतों के बीच भ्रमित होना।
- आधारिक संरचना की परिभाषा को संकीर्ण रूप से समझना।
- प्लांट लोड फैक्टर के महत्व को कम आंकना।
Revision tips
- आधारिक संरचना की परिभाषा को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।
- ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों के उदाहरणों को याद करें और उनके बीच अंतर समझें।
- प्लांट लोड फैक्टर की गणना और उसके महत्व पर ध्यान केंद्रित करें।
Practice MCQs
Q1. आधारिक संरचना से क्या अभिप्राय है?
Explanation: आधारिक संरचना में वे सभी मूलभूत सेवाएं और सुविधाएं शामिल होती हैं जो किसी देश की आर्थिक प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती हैं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन ऊर्जा का एक परंपरागत स्रोत है?
Explanation: कोयला, प्राकृतिक गैस और पेट्रोल ऊर्जा के परंपरागत स्रोत हैं, जिनका उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है।
Q3. ऊर्जा के व्यावसायिक स्रोत का एक उदाहरण क्या है?
Explanation: कोयला एक व्यावसायिक ऊर्जा स्रोत है जिसका बाजार में क्रय-विक्रय होता है और यह आर्थिक गतिविधियों में प्रयुक्त होता है।
Q4. विद्युत सृजन में सबसे बड़ा हिस्सा किस प्रकार की विद्युत का होता है?
Explanation: वर्तमान में, विद्युत उत्पादन में तापीय विद्युत (कोयले, गैस आदि से उत्पन्न) का हिस्सा सबसे बड़ा होता है।
Q5. ऊर्जा के गैर-परंपरागत स्रोत के दो उदाहरण कौन से हैं?
Explanation: बायो गैस और सौर ऊर्जा ऊर्जा के गैर-परंपरागत स्रोत हैं, जो नवीकरणीय होते हैं और पर्यावरण के अनुकूल माने जाते हैं।
Frequently asked questions
आधारिक संरचना का क्या मतलब है?
आधारिक संरचना से तात्पर्य उन मूलभूत सेवाओं और सुविधाओं से है जो किसी देश की आर्थिक प्रणाली को कुशलतापूर्वक कार्य करने में सहायता करती हैं, जैसे ऊर्जा, परिवहन, संचार आदि।
ऊर्जा के परंपरागत और गैर-परंपरागत स्रोतों में क्या अंतर है?
परंपरागत स्रोत वे हैं जिनका उपयोग लंबे समय से हो रहा है और जो सीमित हैं (जैसे कोयला, पेट्रोल), जबकि गैर-परंपरागत स्रोत नवीकरणीय हैं और पर्यावरण के अनुकूल हैं (जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा)।
ऊर्जा के व्यावसायिक स्रोत के उदाहरण क्या हैं?
ऊर्जा के व्यावसायिक स्रोतों में कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस शामिल हैं, जिनका बाजार में मूल्य होता है और जिनका उपयोग बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों में होता है।
प्लांट लोड फैक्टर (PLF) क्या मापता है?
प्लांट लोड फैक्टर (PLF) किसी विद्युत संयंत्र की परिचालन दक्षता या क्षमता को मापता है, यह दर्शाता है कि संयंत्र अपनी अधिकतम संभव उत्पादन क्षमता का कितना प्रतिशत उपयोग कर रहा है।
कक्षा 11 अर्थशास्त्र के लिए ये समाधान क्यों महत्वपूर्ण हैं?
ये समाधान 'आधारिक संरचना' अध्याय की प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों को समझने और याद रखने में मदद मिलती है।
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