CBSE Class 10 Abhyasvan Bhavah Chapter 5: रचनानुवादः (वाक्यरचनाकौशलम्) NCERT Solutions

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This section provides comprehensive NCERT Solutions for Chapter 5 of the CBSE Class 10 Abhyasvan Bhavah textbook, focusing on 'रचनानुवादः' (Sentence Construction and Translation). The solutions offer clear, step-by-step translations of various Hindi sentences into Sanskrit, reinforcing grammatical rules and vocabulary. Students will find detailed explanations for each translation, helping them understand the nuances of Sanskrit sentence formation, verb conjugations, noun declensions, and the correct usage of postpositions and case endings. These solutions are designed to enhance students' ability to construct grammatically accurate and meaningful Sanskrit sentences, which is crucial for their academic success and exam preparation. Practicing these exercises will build confidence in their Sanskrit language skills.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
SubjectAbhyasvan Bhavah
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 5

Chapter summary

Chapter 5 of Abhyasvan Bhavah for Class 10 NCERT focuses on 'रचनानुवादः' (Sentence Construction and Translation). This chapter's solutions provide Hindi to Sanskrit translations for a variety of sentences. The exercises cover different grammatical structures, verb tenses, and case usages, aiming to improve students' practical application of Sanskrit grammar in sentence building. The detailed answers help learners understand the logic behind each translation, fostering a deeper comprehension of the language.

Learning outcomes

  • Understand the process of translating Hindi sentences into Sanskrit.
  • Apply knowledge of Sanskrit grammar, including verb conjugations and noun declensions, in sentence construction.
  • Identify and correctly use different Sanskrit cases (विभक्ति) based on sentence context.
  • Practice translating sentences involving various tenses and moods.
  • Improve sentence construction skills through practical examples and solutions.

Topics covered

Paper topics

  • Sanskrit Sentence Construction
  • Hindi to Sanskrit Translation
  • Verb Conjugation (Tenses and Moods)
  • Noun Declension (Case Endings)
  • Use of Postpositions
  • Imperative Sentences (लोट् लकार)
  • Future Tense Sentences (लट् लकार)
  • Sentences with 'चाहिए' (कर्तव्य)
  • Sentences with 'देना'
  • Sentences with 'बैठना'
  • Sentences with 'लगना' (रोचते)
  • Sentences with 'नमस्कार'

Important topics

  • Hindi to Sanskrit Translation Practice
  • Verb Conjugation in Different Tenses/Moods
  • Correct Application of Sanskrit Cases (विभक्ति)
  • Sentence Construction with 'चाहिए'
  • Translating Imperative Sentences
  • Understanding 'रोचते' and its grammatical structure

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

छात्रों को ध्यान से कार्य करना चाहिए।
Solution: इस वाक्य में 'चाहिए' का भाव है, जो कि कर्तव्य या उपदेश को दर्शाता है। संस्कृत में इसके लिए 'कर्तव्यम्' या 'विध्यात्' का प्रयोग किया जाता है। कर्ता 'छात्र' है, जो बहुवचन है। जब 'चाहिए' का प्रयोग होता है, तो कर्ता के साथ प्रायः तृतीय विभक्ति (करण कारक) का प्रयोग होता है, या फिर कर्ता को प्रथमा विभक्ति में रखकर क्रिया को 'चाहिए' के अर्थ में व्यक्त किया जाता है। यहाँ 'छात्रैः' (तृतीय विभक्ति बहुवचन) का प्रयोग उचित है। क्रिया 'कार्य करना' के लिए 'कर्तव्यम्' (करना चाहिए) का प्रयोग किया गया है।

छात्रैः ध्यानपूर्वकं कार्यं कर्तव्यम्

वैकल्पिक रूप से, यदि कर्ता को प्रथमा विभक्ति में रखें, तो क्रिया 'कर्तव्यम्' ही रहेगी।

छात्राः ध्यानपूर्वकं कार्यं कर्तव्यम्

मूल उत्तर में 'छात्रान्' (द्वितीय विभक्ति) का प्रयोग किया गया है, जो इस संदर्भ में व्याकरणिक रूप से कम उपयुक्त है। 'कर्तव्यम्' क्रिया के साथ तृतीय विभक्ति या प्रथमा विभक्ति का प्रयोग अधिक प्रचलित है।

प्रश्न 2

वृक्ष पर पक्षी चहचहाते हैं।
Solution: इस वाक्य में 'वृक्ष पर' स्थान को दर्शा रहा है, जिसके लिए संस्कृत में 'सप्तमी विभक्ति' का प्रयोग होता है। 'वृक्ष' शब्द की सप्तमी विभक्ति एकवचन 'वृक्षे' है। 'पक्षी' कर्ता है और बहुवचन है, इसलिए 'खगाः' (पक्षी) शब्द का प्रयोग होगा। 'चहचहाते हैं' क्रिया के लिए 'क्रज्' धातु (चहचहाना, बोलना) का प्रयोग किया जाता है। वर्तमान काल (लट् लकार) में, बहुवचन कर्ता 'खगाः' के अनुसार क्रिया 'क्रजन्ति' होगी।

वृक्षे खगाः क्रजन्ति

प्रश्न 3

हम सब मिलकर गाएँगे।
Solution: यह वाक्य भविष्य काल को दर्शाता है। कर्ता 'हम सब' है, जिसके लिए संस्कृत में 'वयं' (उत्तम पुरुष, बहुवचन) का प्रयोग होता है। 'मिलकर' के लिए 'मिलित्वा' (अव्यय) का प्रयोग किया जाएगा। भविष्य काल के लिए 'लट् लकार' (भविष्यत् काल) का प्रयोग होता है। उत्तम पुरुष, बहुवचन कर्ता 'वयं' के साथ क्रिया 'गाना' (गै धातु) का भविष्य काल रूप 'गास्यामः' होगा।

वयं मिलित्वा गास्यामः

प्रश्न 4

खिलाड़ी फुटबॉल से खेल रहे हैं।
Solution: इस वाक्य में 'खिलाड़ी' कर्ता है, जो बहुवचन है, इसलिए 'क्रीडकाः' का प्रयोग होगा। 'फुटबॉल से' खेल का साधन है, जिसके लिए 'तृतीय विभक्ति' का प्रयोग किया जाता है। 'पादकन्दुक' (फुटबॉल) शब्द की तृतीय विभक्ति एकवचन 'पादकन्दुकेन' होगी। 'खेल रहे हैं' वर्तमान काल (लट् लकार) को दर्शाता है। बहुवचन कर्ता 'क्रीडकाः' के अनुसार क्रिया 'खेलना' (क्रीड् धातु) का लट् लकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन रूप 'क्रीडन्ति' होगा।

क्रीडकाः पादकन्दुकेन क्रीडन्ति

प्रश्न 5

अध्यापक ने कहा-"सदाचार का पालन करो।
Solution: यहाँ अध्यापक द्वारा कही गई बात को उद्धृत किया गया है। 'अध्यापक ने कहा' के लिए 'अध्यापकः अकथयत्' (भूतकाल) का प्रयोग होगा। उद्धृत वाक्य 'सदाचार का पालन करो' आज्ञा या उपदेश है। इसके लिए 'लोट् लकार' (आज्ञार्थक) का प्रयोग किया जाता है। 'सदाचार' कर्म है, इसलिए द्वितीय विभक्ति 'सदाचारम्' का प्रयोग होगा। 'पालन करो' क्रिया के लिए 'पाल्' धातु का लोट् लकार, द्वितीय पुरुष, एकवचन रूप 'पालय' होगा।

अध्यापकः अकथयत् - "सदाचारं पालय"

प्रश्न 6

कृषक गाँव की ओर गए।
Solution: 'कृषक' कर्ता है, जो एकवचन है, इसलिए 'कृषकः' का प्रयोग होगा। 'गाँव की ओर' दिशा या गंतव्य को दर्शा रहा है। इसके लिए 'ग्रामम् प्रति' (गाँव की ओर) या 'ग्रामं' (द्वितीय विभक्ति, गंतव्य) का प्रयोग किया जा सकता है। 'गए' भूतकाल (लट् लकार) को दर्शाता है। प्रथम पुरुष, एकवचन कर्ता 'कृषकः' के अनुसार क्रिया 'जाना' (गम् धातु) का लट् लकार रूप 'अगच्छत्' होगा।

कृषकः ग्रामं प्रति अगच्छत्। या कृषकः ग्रामम् अगच्छत्।

प्रश्न 7

तुम दोनो खीर खाओ।
Solution: यह वाक्य आज्ञा या उपदेश को दर्शाता है, इसलिए 'लोट् लकार' का प्रयोग होगा। कर्ता 'तुम दोनो' है, जिसके लिए संस्कृत में 'युवाम्' (मध्यम पुरुष, द्विवचन) का प्रयोग होता है। 'खीर' कर्म है, इसलिए द्वितीय विभक्ति 'क्षीरम्' का प्रयोग होगा। क्रिया 'खाना' (खाद् धातु) का लोट् लकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन रूप 'खादतम्' होगा।

युवाम् क्षीरम् खादतम्

प्रश्न 8

विद्यालय के दोनो ओर वृक्ष हैं।
Solution: 'विद्यालय के दोनो ओर' के लिए संस्कृत में 'अभितः' (दोनों ओर) अव्यय का प्रयोग होता है, जिसके साथ प्रायः द्वितीय विभक्ति का प्रयोग होता है। 'वृक्ष' कर्ता है और बहुवचन है, इसलिए 'वृक्षाः' (पेड़) या 'वृक्षाणि' (पेड़-पौधे) का प्रयोग किया जा सकता है। वर्तमान काल (लट् लकार) में क्रिया 'हैं' के लिए 'सन्ति' (अस धातु, प्रथम पुरुष, बहुवचन) का प्रयोग होगा।

विद्यालयं अभितः वृक्षाः सन्ति। या विद्यालयं अभितः वृक्षाणि सन्ति।

प्रश्न 9

माता बालक को दूध देती हैं।
Solution: 'माता' कर्ता है, एकवचन, इसलिए 'अम्बा' का प्रयोग होगा। 'बालक को' कर्म है, जिसे दूध दिया जा रहा है, इसलिए 'चतुर्थी विभक्ति' (संप्रदान कारक) का प्रयोग होगा। 'बालक' शब्द की चतुर्थी विभक्ति एकवचन 'बालकाय' है। 'दूध' भी कर्म है, इसलिए द्वितीय विभक्ति 'दुग्धम्' का प्रयोग होगा। 'देती हैं' वर्तमान काल (लट् लकार) को दर्शाता है। प्रथम पुरुष, एकवचन कर्ता 'अम्बा' के अनुसार क्रिया 'देना' (दा धातु) का लट् लकार रूप 'ददाति' होगा।

अम्बा बालकाय दुग्धं ददाति

प्रश्न 10

हमें स्वास्थ्य के नियमों का पालन करना चाहिए।
Solution: इस वाक्य में 'चाहिए' का भाव है, जो कर्तव्य को दर्शाता है। कर्ता 'हमें' है, जिसके लिए 'वयं' (उत्तम पुरुष, बहुवचन) का प्रयोग होगा। जब 'चाहिए' का भाव हो, तो कर्ता के साथ प्रायः तृतीय विभक्ति का प्रयोग होता है, या कर्ता को प्रथमा विभक्ति में रखकर क्रिया को 'चाहिए' के अर्थ में व्यक्त किया जाता है। यहाँ 'वयं' (प्रथमा विभक्ति) का प्रयोग किया गया है। 'स्वास्थ्य के नियमों' का पालन करना है, इसलिए 'स्वास्थ्यस्य नियमानि' (षष्ठी विभक्ति + द्वितीय विभक्ति) का प्रयोग होगा। क्रिया 'पालन करना चाहिए' के लिए 'पालनीयानि' (नपुंसक लिंग, बहुवचन, 'चाहिए' के अर्थ में) का प्रयोग किया गया है, जो 'नियमानि' के अनुसार है।

वयं स्वास्थ्यस्य नियमानि पालनीयानि

प्रश्न 11

कल राघव कहाँ था?
Solution: 'कल' (बीता हुआ कल) के लिए संस्कृत में 'ह्यः' का प्रयोग होता है। 'राघव' कर्ता है, एकवचन, इसलिए 'राघवः' का प्रयोग होगा। 'कहाँ' के लिए प्रश्नवाचक शब्द 'कुत्र' का प्रयोग होगा। 'था' भूतकाल (लट् लकार) को दर्शाता है। प्रथम पुरुष, एकवचन कर्ता 'राघवः' के अनुसार क्रिया 'होना' (अस् धातु) का लट् लकार रूप 'आसीत्' होगा।

ह्यः राघवः कुत्र आसीत्?

प्रश्न 12

मेरे पिता भोजन पकाते हैं।
Solution: 'मेरे पिता' कर्ता है, एकवचन, इसलिए 'मम जनकः' का प्रयोग होगा। 'भोजन' कर्म है, इसलिए द्वितीय विभक्ति 'भोजनम्' का प्रयोग होगा। 'पकाते हैं' वर्तमान काल (लट् लकार) को दर्शाता है। प्रथम पुरुष, एकवचन कर्ता 'मम जनकः' के अनुसार क्रिया 'पकाना' (पच् धातु) का लट् लकार रूप 'पचति' होगा।

मम जनकः भोजनं पचति

प्रश्न 13

मेरे पास आकर बैठो।
Solution: यह वाक्य आज्ञा या निर्देश को दर्शाता है, इसलिए 'लोट् लकार' का प्रयोग होगा। 'मेरे पास' के लिए 'मम समीपे' (मेरे निकट) का प्रयोग किया जाएगा। 'आकर' पूर्वकालिक क्रिया है, जिसके लिए 'आगत्य' (अव्यय) का प्रयोग होगा। 'बैठो' क्रिया के लिए 'उपविश्' धातु का लोट् लकार, द्वितीय पुरुष, एकवचन रूप 'उपविश' होगा।

मम समीपे आगत्य उपविश

प्रश्न 14

उन सबको दीवाली उत्सव अच्छा लगता है।
Solution: संस्कृत में 'अच्छा लगना' के लिए 'रुच्' धातु का प्रयोग होता है, जिसके साथ चतुर्थी विभक्ति (संप्रदान कारक) का प्रयोग होता है। 'उन सबको' के लिए 'तेभ्यः' (सर्वनाम 'तत्' की चतुर्थी विभक्ति बहुवचन) का प्रयोग होगा। 'दीवाली उत्सव' कर्ता है, जो 'रुच्' धातु के साथ द्वितीय विभक्ति में होता है, इसलिए 'दीपोत्सवः' का प्रयोग होगा। वर्तमान काल (लट् लकार) में, प्रथम पुरुष, एकवचन कर्ता 'दीपोत्सवः' के अनुसार क्रिया 'रुच्' धातु का रूप 'रोचते' होगा।

तेभ्यः दीपोत्सवः रोचते

प्रश्न 15

ईश्वर को नमस्कार।
Solution: 'नमस्कार' के साथ प्रायः चतुर्थी विभक्ति का प्रयोग होता है, जो संप्रदान कारक को दर्शाता है। 'ईश्वर को' के लिए 'ईश्वर' शब्द की चतुर्थी विभक्ति एकवचन 'ईश्वराय' का प्रयोग होगा। 'नमस्कार' के लिए 'नमः' अव्यय का प्रयोग किया जाता है।

ईश्वराय नमः

प्रश्न 16

घर के बाहर कौन है?
Solution: 'घर के बाहर' के लिए 'गृहात् बहिः' का प्रयोग किया जाता है, जहाँ 'गृहात्' पंचमी विभक्ति (अलगाव) में है। 'कौन' के लिए प्रश्नवाचक सर्वनाम 'कः' (पुल्लिंग, एकवचन) का प्रयोग होगा। 'है' वर्तमान काल (लट् लकार) को दर्शाता है। प्रथम पुरुष, एकवचन कर्ता 'कः' के अनुसार क्रिया 'होना' (अस् धातु) का लट् लकार रूप 'अस्ति' होगा।

गृहात् बहिः कः अस्ति?

Common mistakes

  • Incorrect verb conjugation based on subject number and person.
  • Misapplication of Sanskrit case endings (विभक्ति) for nouns and pronouns.
  • Errors in using postpositions (उपसर्ग) and their effect on case usage.
  • Incorrect translation of imperative or optative moods.
  • Confusion with dual number forms.

Revision tips

  • Review the Sanskrit case system (विभक्ति) before attempting translations.
  • Pay close attention to verb endings and ensure they agree with the subject.
  • Practice translating each sentence aloud to improve pronunciation and recall.
  • Create your own sentences based on the patterns provided in the solutions.
  • Focus on understanding the reasoning behind each translation, not just memorizing answers.

Practice MCQs

Q1. छात्रों को ध्यान से कार्य करना चाहिए। - इस वाक्य का शुद्ध संस्कृत अनुवाद क्या है?

Q2. 'वृक्ष पर पक्षी चहचहाते हैं।' इस वाक्य का संस्कृत अनुवाद क्या है?

Q3. 'हम सब मिलकर गाएँगे।' इस वाक्य का संस्कृत अनुवाद क्या है?

Q4. 'अध्यापक ने कहा-"सदाचार का पालन करो।"' इस वाक्य का संस्कृत अनुवाद क्या है?

Q5. 'तुम दोनो खीर खाओ।' इस वाक्य का संस्कृत अनुवाद क्या है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान CBSE कक्षा 10 के 'अभ्यासवान् भव' (Abhyasvan Bhavah) पुस्तक के अध्याय 5 के लिए है।

अध्याय 5 का मुख्य विषय क्या है?

अध्याय 5 का मुख्य विषय 'रचनानुवादः' है, जिसका अर्थ है संस्कृत में वाक्य रचना और अनुवाद कौशल का विकास।

इन समाधानों से छात्रों को क्या लाभ होगा?

ये समाधान छात्रों को हिंदी वाक्यों का शुद्ध संस्कृत में अनुवाद करने में मदद करते हैं, जिससे उनकी व्याकरणिक समझ और वाक्य निर्माण क्षमता बढ़ती है।

क्या इन समाधानों में केवल अनुवाद दिए गए हैं?

नहीं, प्रत्येक अनुवाद के साथ स्पष्टीकरण भी दिया गया है ताकि छात्र अनुवाद के पीछे के व्याकरणिक नियमों को समझ सकें।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान परीक्षा में आने वाले अनुवाद और वाक्य रचना के प्रश्नों का अभ्यास करने और अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

क्या समाधानों में मूल प्रश्न बदले गए हैं?

नहीं, सभी मूल प्रश्न यथावत रखे गए हैं, केवल समाधानों को स्पष्ट और विस्तृत रूप से पुनः लिखा गया है।

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