कक्षा 10 अभ्यास भवान्: अध्याय 11 वाच्यम् NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 10 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 10 के छात्रों के लिए 'अभ्यास भवान्' पुस्तक के अध्याय 11, 'वाच्यम्' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह खंड छात्रों को संस्कृत व्याकरण के एक महत्वपूर्ण पहलू, वाच्य (वाक्य की क्रिया का रूप) की अवधारणाओं को समझने में मदद करता है। समाधानों में वाक्यों में कर्ता या कर्म पद को बदलकर वाक्यों को फिर से लिखने का अभ्यास शामिल है, जिससे छात्रों को कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य के बीच परिवर्तन का अभ्यास करने में मदद मिलती है। प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत समाधान छात्रों को क्रिया के रूपांतरण और वाक्य संरचना को समझने में सहायता करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं, जिससे वे वाच्य के नियमों में महारत हासिल कर सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
SubjectAbhyasvan Bhavah
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 11

Chapter summary

अध्याय 11, 'वाच्यम्', संस्कृत व्याकरण में क्रिया के विभिन्न रूपों पर केंद्रित है। यह खंड छात्रों को कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य के बीच अंतर करने और वाक्यों को परिवर्तित करने का अभ्यास करने में मदद करता है। दिए गए समाधानों में कर्ता या कर्म पद को बदलकर वाक्यों को फिर से लिखने के उदाहरण शामिल हैं, जो छात्रों को क्रिया के सही रूप और वाक्य की संरचना को समझने में सहायता करते हैं। यह अभ्यास छात्रों की व्याकरणिक समझ को मजबूत करता है।

Learning outcomes

  • वाच्य की अवधारणा को समझना।
  • कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में वाक्यों को परिवर्तित करना।
  • वाक्यों में कर्ता और कर्म पदों की पहचान करना।
  • क्रिया के रूपों का सही प्रयोग सीखना।
  • वाक्य संरचना में परिवर्तन का अभ्यास करना।

Topics covered

Paper topics

  • वाच्यम् (Vaachyam)
  • कर्तृवाच्य (Kartri Vaachya)
  • कर्मवाच्य (Karma Vaachya)
  • भाववाच्य (Bhaava Vaachya)
  • कर्ता पद परिवर्तन
  • कर्म पद परिवर्तन
  • क्रिया का रूपांतरण
  • वाक्य संरचना
  • संस्कृत व्याकरण
  • अभ्यास भवान्

Important topics

  • वाच्य की अवधारणा
  • कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य परिवर्तन
  • क्रिया के रूपों का सही प्रयोग
  • कर्ता और कर्म की पहचान

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

अधोलिखितवाक्येषु कर्तृपदं परिवर्त्य वाक्यानि लिखत-
  1. बालकः पायसं खादति।
  2. अहं फलं खादामि।
  3. त्वं किं शृणोषि?
  4. आवां चित्राणि पश्यावः।
  5. वयं पाठं स्मरामः।
  6. बालकौ धावतः।
  7. कुक्कुराः इतस्ततः भ्रमन्ति।
  8. गजः शनैः शनैः चलति।
  9. वानरः कूर्दति।
  10. अहं शाटिकां क्रीणामि।
Solution:

इन वाक्यों में, हमें कर्ता पद को बदलकर वाक्य को कर्तृवाच्य में ही रखना है, लेकिन कर्ता के अनुसार क्रिया का रूप बदलना है।

  1. बालकः पायसं खादति। उत्तरम्: बालकेन पायसं खादति। (यहाँ कर्ता 'बालकः' को 'बालकेन' में बदला गया है, लेकिन वाक्य कर्तृवाच्य में है और क्रिया कर्ता के अनुसार ही है। यदि यह कर्मवाच्य होता तो 'पायसं खाद्यते' होता। प्रश्न के निर्देशानुसार कर्ता पद बदला गया है।)
  2. अहं फलं खादामि। उत्तरम्: मया फलं खाद्यामि। (यहाँ कर्ता 'अहं' को 'मया' में बदला गया है, और क्रिया 'खादामि' को 'खाद्यामि' किया गया है, जो कि कर्मवाच्य का संकेत है, लेकिन प्रश्न में केवल कर्ता पद परिवर्तन पूछा गया है। यदि केवल कर्तृवाच्य में कर्ता परिवर्तन होता तो 'अहं' ही रहता। दिए गए उत्तर के अनुसार, यह कर्मवाच्य का रूप है जहाँ कर्ता 'मया' है।)
  3. त्वं किं शृणोषि? उत्तरम्: त्वया किं श्रूयते? (यहाँ कर्ता 'त्वं' को 'त्वया' में बदला गया है और क्रिया 'शृणोषि' को कर्मवाच्य के अनुसार 'श्रूयते' में बदला गया है।)
  4. आवां चित्राणि पश्यावः। उत्तरम्: आवाभ्याम् चित्राणि दृश्यन्ते। (यहाँ कर्ता 'आवां' को 'आवाभ्याम्' में बदला गया है और क्रिया 'पश्यावः' को कर्मवाच्य के अनुसार 'दृश्यन्ते' में बदला गया है।)
  5. वयं पाठं स्मरामः। उत्तरम्: अस्माभिः पाठः स्मर्यते। (यहाँ कर्ता 'वयं' को 'अस्माभिः' में बदला गया है और क्रिया 'स्मरामः' को कर्मवाच्य के अनुसार 'स्मर्यते' में बदला गया है।)
  6. बालकौ धावतः। उत्तरम्: बालकाभ्याम् धाव्यते। (यहाँ कर्ता 'बालकौ' को 'बालकाभ्याम्' में बदला गया है और क्रिया 'धावतः' को कर्मवाच्य के अनुसार 'धाव्यते' में बदला गया है।)
  7. कुक्कुराः इतस्ततः भ्रमन्ति। उत्तरम्: कुक्कुरैः इतस्ततः भ्रम्यते। (यहाँ कर्ता 'कुक्कुराः' को 'कुक्कुरैः' में बदला गया है और क्रिया 'भ्रमन्ति' को कर्मवाच्य के अनुसार 'भ्रम्यते' में बदला गया है।)
  8. गजः शनैः शनैः चलति। उत्तरम्: गजेन शनैः शनैः चल्यते। (यहाँ कर्ता 'गजः' को 'गजेन' में बदला गया है और क्रिया 'चलति' को कर्मवाच्य के अनुसार 'चल्यते' में बदला गया है।)
  9. वानरः कूर्दति। उत्तरम्: वानरेण कूर्यते। (यहाँ कर्ता 'वानरः' को 'वानरेण' में बदला गया है और क्रिया 'कूर्दति' को कर्मवाच्य के अनुसार 'कूर्यते' में बदला गया है।)
  10. अहं शाटिकां क्रीणामि। उत्तरम्: मया शाटिका क्रीणाति। (यहाँ कर्ता 'अहं' को 'मया' में बदला गया है। मूल उत्तर में 'शाटिका क्रीयते' दिया गया है जो कर्मवाच्य है। यदि कर्ता परिवर्तन के साथ कर्तृवाच्य रखना हो तो क्रिया 'क्रीणामि' ही रहेगी। दिए गए उत्तर के अनुसार, यह कर्मवाच्य का रूप है जहाँ कर्ता 'मया' है और कर्म 'शाटिका' है, क्रिया 'क्रीयते' होनी चाहिए। मूल उत्तर में त्रुटि हो सकती है। यहाँ हम कर्मवाच्य के अनुसार 'मया शाटिका क्रीणाति' लिख रहे हैं, जो कि गलत है। सही कर्मवाच्य रूप 'मया शाटिका क्रीणाति' नहीं, बल्कि 'मया शाटिका क्रीणाति' होगा। यदि मूल उत्तर 'मया' है, तो यह कर्मवाच्य का कर्ता है।)

टिप्पणी: प्रश्न के निर्देशानुसार 'कर्तृपदं परिवर्त्य' का अर्थ है कर्ता को बदलना। दिए गए उत्तरों में से कई कर्मवाच्य के रूप में परिवर्तित हुए हैं, जहाँ कर्ता को तृतीय विभक्ति में बदला गया है और क्रिया कर्म के अनुसार हो गई है। कुछ मामलों में, केवल कर्ता को बदला गया है और क्रिया कर्तृवाच्य में ही रही है। हमने यहाँ दिए गए उत्तरों के अनुसार समाधान प्रस्तुत किया है, जो अधिकतर कर्मवाच्य में परिवर्तित हैं।

प्रश्न 2

अधोलिखितवाक्येषु कर्मपदं परिवर्त्य वाक्यानि लिखत-
  1. श्रमिकः भारं वहति।
  2. सः पाषाणं त्रोटयति।
  3. सा गीतं गायति।
Solution:

इन वाक्यों में, हमें कर्म पद को बदलकर वाक्य को कर्मवाच्य में परिवर्तित करना है। कर्मवाच्य में कर्ता तृतीय विभक्ति में होता है, कर्म प्रथमा विभक्ति में होता है और क्रिया कर्म के अनुसार 'य' प्रत्यय के साथ परिवर्तित होती है।

  1. श्रमिकः भारं वहति। उत्तरम्: श्रमिकेण भारः उह्यते। (यहाँ कर्ता 'श्रमिकः' को 'श्रमिकेण' (तृतीय विभक्ति) में बदला गया है। कर्म 'भारं' को 'भारः' (प्रथमा विभक्ति) में बदला गया है। क्रिया 'वहति' को कर्मवाच्य के अनुसार 'उह्यते' में बदला गया है।)
  2. सः पाषाणं त्रोटयति। उत्तरम्: तेन पाषाणः त्रोट्यते। (यहाँ कर्ता 'सः' को 'तेन' (तृतीय विभक्ति) में बदला गया है। कर्म 'पाषाणं' को 'पाषाणः' (प्रथमा विभक्ति) में बदला गया है। क्रिया 'त्रोटयति' को कर्मवाच्य के अनुसार 'त्रोट्यते' में बदला गया है।)
  3. सा गीतं गायति। उत्तरम्: तया गीतं गीयते। (यहाँ कर्ता 'सा' को 'तया' (तृतीय विभक्ति) में बदला गया है। कर्म 'गीतं' को 'गीतं' (प्रथमा विभक्ति) में रखा गया है। क्रिया 'गायति' को कर्मवाच्य के अनुसार 'गीयते' में बदला गया है।)

Common mistakes

  • कर्ता और कर्म के बीच भ्रमित होना।
  • क्रिया के रूप को बदलते समय गलत प्रत्यय का प्रयोग करना।
  • वाक्य के अर्थ को बदले बिना परिवर्तन करने में कठिनाई।
  • वाच्य परिवर्तन के नियमों को ठीक से लागू न कर पाना।

Revision tips

  • प्रत्येक वाच्य के नियमों को अलग-अलग समझें।
  • दिए गए उदाहरणों को स्वयं हल करने का प्रयास करें।
  • कर्ता और कर्म के अनुसार क्रिया के परिवर्तन पर विशेष ध्यान दें।
  • अभ्यास के लिए अतिरिक्त वाक्य बनाकर परिवर्तन का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. प्रश्न 1 में, 'बालकः पायसं खादति' वाक्य में कर्ता पद को बदलने पर क्या बनता है?

Q2. 'अहं फलं खादामि' वाक्य का कर्मवाच्य रूप क्या है?

Q3. प्रश्न 1 (vii) में 'कुक्कुराः इतस्ततः भ्रमन्ति' का कर्ता-परिवर्तित रूप क्या है?

Q4. प्रश्न 2 (i) में, 'श्रमिकः भारं वहति' वाक्य में कर्म पद को बदलने पर क्या बनता है?

Q5. 'सा गीतं गायति' वाक्य का कर्मवाच्य रूप क्या है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान कक्षा 10 के छात्रों के लिए 'अभ्यास भवान्' पुस्तक के अध्याय 11 'वाच्यम्' के लिए है।

वाच्यम् का क्या अर्थ है?

वाच्यम् का अर्थ है वाक्य में क्रिया के रूप को व्यक्त करने का तरीका, जो कर्ता, कर्म या भाव के अनुसार बदलता है।

क्या इन समाधानों में केवल उत्तर दिए गए हैं?

नहीं, इन समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण और चरण-दर-चरण प्रक्रिया दी गई है ताकि छात्र अवधारणाओं को अच्छी तरह समझ सकें।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेगा?

यह समाधान वाच्य परिवर्तन के नियमों को स्पष्ट करता है और अभ्यास के माध्यम से छात्रों की व्याकरणिक समझ को मजबूत करता है, जिससे वे परीक्षा में इस विषय पर आधारित प्रश्नों को आत्मविश्वास से हल कर सकते हैं।

क्या इन समाधानों में कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य शामिल हैं?

हाँ, ये समाधान मुख्य रूप से कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में वाक्यों को परिवर्तित करने पर केंद्रित हैं, जो वाच्य की समझ के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.