CBSE Class 2 रिमझिम Chapter 6: बहुत हुआ NCERT Solutions

NCERT Solutions PDF Class 2 PDF

This section provides comprehensive NCERT Solutions for Class 2 Hindi (रिमझिम) Chapter 6, titled 'बहुत हुआ'. The solutions cover various aspects related to rain, including the words that come to mind when thinking about rain, games played indoors during heavy rainfall, the appearance of surroundings during intense rain, the journey of rainwater, and how different living beings (people, pigeons, earthworms, dogs, fish, peacocks) might seek shelter from the rain. It also delves into situations where adults use the phrase 'बहुत हुआ' (enough) and explores the reasons behind it, such as stopping excessive talking, coming inside, going to sleep, or turning off the TV. Furthermore, it explains poetic lines about roads becoming rivers during heavy rain and mud causing distress, and concludes with a creative story extension about a cloud deciding to stop raining and the subsequent consequences. These solutions are designed to help students understand the chapter's themes and prepare for their exams.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 2
Subjectरिमझिम
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. बहुत हुआ

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 2 Hindi (रिमझिम) Chapter 6, 'बहुत हुआ', focuses on the theme of rain. It includes questions and answers that explore vocabulary associated with rain, indoor games played during downpours, visual descriptions of rainy environments, the destination of rainwater, and survival strategies of various creatures during rain. The chapter also examines the common phrase 'बहुत हुआ' in different contexts and interprets poetic expressions related to heavy rainfall and muddy conditions. Finally, it encourages creative writing by extending a story about a cloud's decision to cease raining.

Learning outcomes

  • Understand vocabulary related to rain.
  • Identify indoor games played during heavy rainfall.
  • Describe the environment during intense rain.
  • Explain the journey of rainwater.
  • Recognize how different living beings react to rain.
  • Understand the context and usage of the phrase 'बहुत हुआ'.
  • Interpret poetic descriptions of rain and its effects.
  • Develop creative writing skills by extending a story.

Topics covered

Paper topics

  • Rain vocabulary
  • Indoor games
  • Effects of heavy rain
  • Animal behavior during rain
  • Common phrases ('बहुत हुआ')
  • Poetic interpretation
  • Creative writing
  • Water cycle basics

Important topics

  • Understanding rain and its effects
  • Vocabulary related to weather
  • Interpreting poetic lines
  • Creative storytelling
  • Contextual use of common phrases

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

बारिश कहने पर तुम्हारे मन में कौन-कौन से शब्द आते हैं? सोचो और लिखो।
Solution: बारिश का नाम सुनते ही मन में कई तरह के शब्द आते हैं, जो बारिश के अनुभव से जुड़े होते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख शब्द हैं: बादल, पानी, रिमझिम, बूँदें, छाता, रेनकोट, नाव, कीचड़, नदी, प्यास, ठंडक, हरियाली, इंद्रधनुष, बिजली, कड़क आदि। ये सभी शब्द बारिश के मौसम और उससे जुड़ी चीज़ों का अहसास कराते हैं।

प्रश्न 2

जब बहुत बारिश होने लगती है तब तुम कहाँ खेलती हो? कौन-कौन से खेल खेलती हो?
Solution: जब बहुत तेज़ बारिश होती है और बाहर खेलना संभव नहीं होता, तो हम अपने घर के अंदर ही खेलने का आनंद लेते हैं। घर के अंदर खेले जाने वाले कुछ लोकप्रिय खेल हैं: लूडो, कैरम, शतरंज, साँप-सीढ़ी, व्यापार (मोनोपोली), वीडियो गेम, कैच-कैच (घर के अंदर), और गुड़ियों का खेल। ये खेल हमें बारिश के मौसम में भी मनोरंजन प्रदान करते हैं।

प्रश्न 3

खूब तेज़ बारिश होगी तो तुम्हारे घर के आसपास कैसा दिखाई देगा?
Solution: अगर खूब तेज़ बारिश होती है, तो हमारे घर के आसपास का पूरा माहौल बदल जाता है। सड़कें पानी से भर जाती हैं और छोटी नदियों की तरह दिखने लगती हैं। नालियाँ उफान पर आ सकती हैं। गड्ढों में पानी भर जाता है। पेड़-पौधे हवा और बारिश के ज़ोर से झूमते हुए दिखाई देते हैं। चारों ओर पानी ही पानी नज़र आता है और हर चीज़ गीली हो जाती है। लोगों को छाता या रेनकोट का सहारा लेना पड़ता है।

प्रश्न 4

बारिश में कितना पानी बरसता है? वह सब पानी कहाँ-कहाँ जाता होगा?
Solution: बारिश में बरसने वाले पानी की मात्रा मौसम और स्थान के अनुसार बदलती रहती है। औसतन, एक सामान्य बारिश के दिन में लगभग 25 सेंटीमीटर (या 10 इंच) तक पानी बरस सकता है। यह सारा पानी बहकर विभिन्न स्थानों पर चला जाता है। कुछ पानी ज़मीन सोख लेती है, जिससे मिट्टी नम हो जाती है और पौधों को जीवन मिलता है। बाकी पानी नदियों, नालों, तालाबों और झीलों में जमा हो जाता है। कुछ पानी खेतों में जाकर फसलों के लिए उपयोगी होता है, और कुछ समुद्र में मिल जाता है।

प्रश्न 5

ये सब बारिश से बचने के लिए क्या करेंगे? बताओ। - लोग - कबूतर - केंचुआ - कुत्ता - मछली - मोर
Solution: बारिश से बचने के लिए हर जीव अपने तरीके से आश्रय ढूंढता है:
  1. लोग: लोग बारिश से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल करते हैं, रेनकोट पहनते हैं, या किसी इमारत, दुकान या पेड़ के नीचे शरण लेते हैं।
  2. कबूतर: कबूतर आमतौर पर किसी इमारत की खिड़की, छज्जे, या घनी पत्तियों वाले पेड़ की ओट में बैठकर बारिश से बचते हैं।
  3. केंचुआ: केंचुआ बारिश के पानी से बचने के लिए मिट्टी में और अधिक गहराई तक चला जाता है, जहाँ वह सुरक्षित रहता है।
  4. कुत्ता: पालतू कुत्ते अक्सर घर के अंदर चले जाते हैं। बाहर रहने वाले कुत्ते किसी बरामदे, गाड़ी के नीचे, या किसी पेड़ की घनी छाँव में बैठकर बारिश से बचाव करते हैं।
  5. मछली: मछलियाँ पानी में ही रहती हैं, इसलिए बारिश उनके लिए कोई समस्या नहीं है। वे पानी की गहराई में जाकर या शांत जगहों पर तैरकर सामान्य रहती हैं।
  6. मोर: मोर बारिश होने पर अक्सर किसी घने पेड़ के नीचे या किसी सुरक्षित आश्रय की तलाश में चले जाते हैं ताकि वे भीगने से बच सकें।

प्रश्न 1

बड़े लोग ऐसा कब कहते हैं-
  1. बहुत हुआ, अब चुपचाप बैठो!
  2. बहुत हुआ, अब अंदर चलो!
  3. बहुत हुआ, अब सो जाओ!
  4. बहुत हुआ, अब टी.वी. बंद करो!
Solution: बड़े लोग 'बहुत हुआ' वाक्य का प्रयोग तब करते हैं जब वे किसी स्थिति से ऊब जाते हैं या चाहते हैं कि कोई काम बंद हो जाए।
  1. बहुत हुआ, अब चुपचाप बैठो! यह तब कहा जाता है जब बच्चे लगातार बोलते रहते हैं, शोर मचाते रहते हैं और चुप होने का नाम नहीं लेते।
  2. बहुत हुआ, अब अंदर चलो! यह तब कहा जाता है जब बच्चे बाहर खेलते-खेलते बहुत थक जाते हैं, या जब मौसम खराब होने लगता है (जैसे बारिश आने वाली हो), या जब वे किसी ऐसी गतिविधि में लगे हों जिससे उन्हें चोट लग सकती है।
  3. बहुत हुआ, अब सो जाओ! यह तब कहा जाता है जब बच्चे देर रात तक जागते रहते हैं, खेलने या शैतानी करने में लगे रहते हैं और उन्हें सोने का समय हो चुका होता है।
  4. बहुत हुआ, अब टी.वी. बंद करो! यह तब कहा जाता है जब बच्चे बहुत देर तक टीवी देखते रहते हैं और उनकी आँखों या सेहत के लिए यह ठीक नहीं होता, या जब उन्हें कोई और महत्वपूर्ण काम करना होता है।

प्रश्न 1

कविता में ऐसा क्यों कहा गया होगा?
  1. तेज़ बारिश होने पर सड़कें नदी बन जाती हैं।
  2. सब ओर कीचड़ होने पर नानी याद आती है।
Solution:
  1. तेज़ बारिश होने पर सड़कें नदी बन जाती हैं: ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि जब बहुत तेज़ बारिश होती है, तो सड़कों पर पानी इतनी तेज़ी से और इतनी मात्रा में जमा हो जाता है कि वह बहती हुई नदी जैसा दिखने लगता है। पानी की निकासी ठीक से न होने पर सड़कें जलमग्न हो जाती हैं।
  2. सब ओर कीचड़ होने पर नानी याद आती है: बारिश के कारण चारों तरफ कीचड़ फैल जाता है। ऐसे में चलना-फिरना बहुत मुश्किल हो जाता है। कपड़े गंदे हो जाते हैं, जूते-चप्पल कीचड़ में फँस जाते हैं, और संभलकर चलना पड़ता है। इस परेशानी और असुविधा के कारण ऐसा लगता है जैसे किसी मुश्किल घड़ी में हमें अपनी नानी की याद आ गई हो, जो शायद हमारी मदद करतीं। यह एक मुहावरेदार अभिव्यक्ति है जो अत्यधिक परेशानी को दर्शाती है।

प्रश्न 1

एक दिन बादल ने सोचा, मैं अब कभी नहीं बरसूँगा। जब मैं बरसता हूँ, तब भी लोग मेरी बुराई करते हैं। जब नहीं बरसता हूँ, तब भी मेरी बुराई करते हैं। आज से बरसना बिलकुल बंद। फिर क्या हुआ होगा? कहानी को आगे बढ़ाओ।
Solution: बादल के कभी न बरसने का फैसला करने के बाद, पृथ्वी पर जीवन पर गहरा असर पड़ा। जब बादल ने बरसना बंद कर दिया, तो कुछ दिन तो सब ठीक लगा। लेकिन धीरे-धीरे धरती सूखी होने लगी। नदियों और तालाबों का पानी कम होने लगा। किसानों की फसलें पानी के बिना मुरझाने लगीं। पेड़-पौधे सूखने लगे और चारों ओर हरियाली गायब होने लगी। गर्मी बढ़ने लगी और लोगों को पानी की कमी से बहुत परेशानी होने लगी। जानवर प्यासे रहने लगे। यह देखकर सभी जीव-जंतु और मनुष्य बहुत चिंतित हो गए। उन्होंने मिलकर बादलों से प्रार्थना की कि वे फिर से बरसे। लोगों ने अपनी गलती मानी कि वे बादलों की कद्र नहीं करते थे। उनकी प्रार्थना सुनकर बादल का दिल पिघल गया। उसने सोचा कि उसका काम बरसना ही है और इसी से धरती पर जीवन संभव है। बादल फिर से बरसने लगा और चारों ओर खुशहाली लौट आई।

Common mistakes

  • Confusing indoor and outdoor activities during rain.
  • Incomplete descriptions of environmental changes due to rain.
  • Misinterpreting the meaning of 'बहुत हुआ' in different situations.
  • Difficulty in explaining poetic metaphors related to rain.

Revision tips

  • Review the vocabulary list associated with rain and try to use these words in sentences.
  • Practice describing different scenarios of rain, from light showers to heavy downpours.
  • Discuss the situations where elders use the phrase 'बहुत हुआ' and try to use it appropriately.
  • Imagine yourself as one of the animals or people mentioned and describe how you would cope with heavy rain.

Practice MCQs

Q1. बारिश के बारे में सोचने पर कौन सा शब्द तुरंत मन में आता है?

Q2. जब बहुत बारिश होती है, तो बच्चे घर के अंदर कौन सा खेल खेल सकते हैं?

Q3. तेज़ बारिश होने पर सड़कें कैसी दिखाई दे सकती हैं, जैसा कि कविता में बताया गया है?

Q4. केंचुआ बारिश से बचने के लिए क्या करता है?

Q5. बड़े लोग 'बहुत हुआ, अब चुपचाप बैठो!' कब कहते हैं?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान कक्षा 2 के हिंदी (रिमझिम) विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 6 'बहुत हुआ' पर केंद्रित हैं।

अध्याय 'बहुत हुआ' में बारिश से संबंधित किन मुख्य बातों पर चर्चा की गई है?

अध्याय में बारिश से जुड़े शब्दों, बारिश के दौरान खेले जाने वाले खेलों, बारिश के प्रभाव, विभिन्न जीवों की प्रतिक्रियाओं और 'बहुत हुआ' जैसे मुहावरों के प्रयोग पर चर्चा की गई है।

क्या इन समाधानों में कविता की पंक्तियों का अर्थ समझाया गया है?

हाँ, इन समाधानों में 'सड़कें नदी बन जाती हैं' और 'कीचड़ होने पर नानी याद आती है' जैसी कविता की पंक्तियों के अर्थ को विस्तार से समझाया गया है।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट करने, शब्दावली को समझने, काव्यात्मक भाषा की व्याख्या करने और रचनात्मक लेखन का अभ्यास करने में मदद करके परीक्षा की तैयारी में सहायता करते हैं।

क्या इस अध्याय में कोई रचनात्मक लेखन गतिविधि शामिल है?

हाँ, अध्याय में एक बादल के कभी नहीं बरसने का फैसला करने के बाद क्या होता है, इस पर एक कहानी को आगे बढ़ाने की गतिविधि शामिल है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.